सौरिया पहाड़िया आदिवासी झारखंड के आदिवासी आदिवासी समुदाय की ऐतिहासिकता लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
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गुरुवार, 28 मार्च 2024

झारखंड का सौरिया पहाड़िया आदिवासी समुदाय की महत्वपूर्ण जानकारी || Jharakhand ka souriya pahadiya aadiwasi samuday || aadiwasijivansanghrsh.com

 झारखंड का सौरिया पहाड़िया आदिवासी समुदाय की महत्वपूर्ण जानकारी 



        झारखंड आदिवासी बहुत राज्य में संताल परगना के साहेबगंज  एवं गोड्डा क्षेत्र के उत्तरी प्रदेश दुमका जिले में सौरिया पहाड़िया आदिवासी समुदाय निवास करता हुआ मिलता है| संताल परगना के क्षेत्र में पहाड़ी आँचल अधिक भरा हुआ हिया यहाँ की बस्तियां राजमहल की पहाडियों से ढकी हुई है| यही क्षेत्र इस समूह के आदिवास का क्षेत्र है| 

        ई स ३०२ ईसा पूर्व मैगस्थनीस ने भारत भ्रमण के दौरान राजमहल की पहाड़ियों मध्य में रहने वाले लोग आदिम जनजाति कहलाये या फिर उन्हें सौरी के रूप कहा गया| इसी वजह से इस समुदाय का नाम 'सौरिया' पड़ा है| 'मलेर' इनका दूसरा नाम है| इस आदिवासी समुदाय के लोग शारीरिक दृष्टिकोण से कद नाटा, चेहरा गोलाकार, नाक चौड़ी, रंग हलके भूरे, कपाल दीर्घ और बाल घुंगराले होते हैं| यह आदिवासी समूह भी प्रोटो ऑस्ट्रेलॉईड प्रजाति का माना जाता है| इनकी भाषा मा'ल्टो' जो की द्रविड़ियन परिवार की मानी जाती है| झारखंड के उरांव आदिवासी समुदाय की भाषा भी इसी परिवार की है| कई भाषा के जानकार एवं इतिहासकारों का मत हैं कि यह समूह उरांव आदिवासी समुदाय की ही एक शाखा है| किन्तु इस पर एक बृहत शोध की आवश्यकता है|